प्रजापति समाज का स्नेह मिलन संपन्न, समाज विकास पर हुई चर्चा

जिले में प्रजापति समाज के छात्रावास की आवश्यकता पर हुई चर्चा, छात्रा ने बताई अपनी पीड़ा

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महासंघ की बैठक में उपस्थित समाज के लोग।


प्रजापति मंथन : झालावाड़। अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासंघ के तत्वाधान में प्रजापति समाज का जिला स्तरीय स्नेह मिलन समारोह गिरधरपुरा नयागाँव में संपन्न हुआ। जिसमें जिले के महासंघ के पदाधिकारी एवं समाजबंधुओं ने भाग लिया।

महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष पन्नालाल प्रजापति ने बताया कि बैठक में प्रजापति समाज की आराध्या माँ श्री श्रीयादे की पूजा अर्चना कर जयंती मनाई गई। इसके पश्चात समाज सुधार के विभिन्न बिन्दुओं पर विचार विमर्श किया । जिसमें मृत्युभोज एवं जडुलियों के कार्यक्रम में कपड़ा प्रथा पर सर्वसहमति से पाबंदी लगाने का निर्णय लिया। जिसके अन्तर्गत मामा एवं ससुराल से केवल एक-एक जोड़ कपड़े पगड़ी दस्तुर और जडुलियों के लिए मान्य होंगे। इसमें यदि किसी के ससुराल में दो या तीन भाई है तो तीनों सामुहिक रूप से कपड़े करेंगें। यदि विशेष परिस्थिति होती है तो अलग-अलग कपड़े करने की छूट होगी।

बैठक में जिले में प्रजापति समाज का छात्रावास बनाने पर विचार विमर्श किया गया। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को जिला मुख्यालय पर रहने के लिए महंगे किराये के कमरे लेने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। इसके लिए आगामी बैठक में ठोस निर्णय लिया जाएगा। बैठक आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए गिरधरपुरा नयागाँव की टीम का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। साथ ही समाज के वरिष्ठजनों का प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया।

बैठक में युवा जिलाध्यक्ष पद पर राधेश्याम प्रजापति बकानी को नियुक्त किया गया। साथ ही महिला जिला महामंत्री के पद पर अनिता प्रजापति सारोला को नियुक्त किया गया।

बैठक में महासंघ के राष्ट्रीय सचिव एवं जिलाध्यक्ष मोहन लाल सांगरिया, देवीलाल प्रजापति कालाकोट, युवा प्रदेश मुख्य महासचिव प्रहलाद प्रजापति, महिला जिलाध्यक्षा प्रतिभा प्रजापति, महिला महामंत्री अनिता प्रजापति, युवा जिलाध्यक्ष राधेश्याम प्रजापति, तेजमल प्रजापति, बालचंद प्रजापति, भागीरथ प्रजापति, श्यामलाल गढ़वाल, कैलाशचंद प्रजापति, रत्तीराम प्रजापति, लालचंद,मोहनलाल, देवीलाल, शंभूदयाल, सीताराम, फूलचंद, रामचन्द्र प्रजापति, शंकर लाल प्रजापति, राजेश, कालूलाल, भैरूलाल प्रजापति सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी शामिल हुए।