स्वयं की सजगता से संवारे अपना कैरियर

विचार मंथन

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वर्ष 2020 में कोरोना की शुरुआत के बाद से ही वैश्विक अनिश्चितता का दौर प्रारंभ हो गया है, ऐसे समय में स्कूल एवं कॉलेज के छात्रों ( हमारे बच्चों ) के सामने अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय कैरियर संबंधी सवालों ने उन्हें बहुत उलझा दिया है, लेकिन कहते हैं जहां चाह वहां राह । वर्तमान परिस्थितियां यह अभी किसी के साथ कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं है, यह तो विश्वव्यापी संकट है, कोई भी इससे अछूता नहीं रहा है । अत: हमें धीरज और समझदारी से काम लेना है, कुछ बातें जो हमारे बच्चों के कैरियर हेतु मार्गदर्शन प्रदान करेंगी, वे निम्नलिखित भी हो सकती है।

काम की प्रक्रिया में उत्कृष्टता लाए बिना नतीजे उत्कृष्ट नहीं हो सकते, अपने करियर को संवारने के लिए यह बात हर एक बच्चे को समझना चाहिए, जैसे अपने द्वारा बनाई आपकी आदर्श दिनचर्या, अनुशासित नियमावली में कोई फेरबदल बिल्कुल नहीं करना है, यह आपको दृढ़ संकल्प लेना चाहिए । कम से कम खर्च और नौकरी के अवसर अधिक, ऐसे कोर्स को तलाशें अपनी रुचि एवं आर्थिक परिस्थितियों का आंकलन करते हुए अपने फील्ड का चयन करें।

सभी के जीवन में एक बार चिंता – शोक रुपी विकट प्रतिकूल परिस्थिति आती ही है, इसका डटकर सामना करें। अपने आदर्शो से, अपने कैरियर से समझौता बिल्कुल नहीं करें। परिस्थितियां व्यक्तिको पररखती हैं, ऐसी परीक्षा की घड़ी में स्वयं को हमेशा सफल बनाएं।
बेहतर कैरियर का चयन करना यह हर एक युवा के जीवन का वह चरण होता है, जब वह स्वयं की, परिवार की मूलभूत वित्तीय जिम्मेदारी के महत्व को समझते हुए श्रेष्ठ निर्णय ले और दृढ़ निश्चय के साथ अपनी रुचि, लगन के साथ कड़ी मेहनत की ओर अग्रसर हो। समय के साथ स्वयं को अप-टू-डेट रखें।

चंचल मन को वश में करना हर एक युवा को यह कला सीखनी होगी। मन को वश में करना मतलब उसे स्थायित्व प्रदान करना। अगर हमनें यह करना सीख लिया तो फिर हम जो चाहे वह कर सकते हैं। इस चंचल मन को वश में कैसे किया जाए, इस संबंध में गीता जी में कहा गया है – ‘अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्यते अर्थात् यह मन अभ्यास और वैराग्य से वश में होता है। अभ्यास से तात्पर्य हमें अच्छे कार्यो की पुनरावृत्ति से समझना चाहिए और वैराग्य अर्थात् दुर्विचार दुष्ट प्रवृत्तियों से दूर होना समझना चाहिए।


यदि आप नौकरी की अपेक्षा व्यवसाय को अपने कैरियर के रूप में देखना चाहते हैं, तो समय – समय पर आने वाली सरकारी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी रखें। किस प्रकार आर्थिक लाभ हमें मिल सकता है, अभी ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत जो योजनाएं आ रही हैं, उनसे क्या लाभ हो सकते हैं। अपने व्यवसाय के अनुरूप यथासंभव सरकारी योजनाओं, सुविधाओं का लाभ उठाने का भरपूर प्रयास करें।

वर्तमान शिक्षा गुरु यानी मीडिया का सही दिशा में उपयोग करें, वरना युवा पीढ़ी के भटकाव की मुख्य वजह भी यही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। अत: विवेकपूर्ण इसका प्रयोग करें। सदैव उद्यमी, साहसी, परिश्रमी बनने का प्रमाण समाज में प्रस्तुत करते रहें; क्योंकि कहा भी गया है। ‘उद्यमेन हि सिद्धयन्ति कार्याणि न मनोरथै: अर्थात् पुरुषार्थ करने से ही कार्य सफल होते हैं, केवल मनोरथ से नहीं।

खुद को ही चुनौती दें, यह केवल कैरियर के लिए ही नहीं अपितु जीवन के प्रत्येक क्षेत्र के लिए हमारा मूल मंत्र हो सकता है। हमारे पूर्वजों ने भी कड़ी चुनौतियों का सामना किया है, उनसे हमें भी यह प्रेरणा लेना चाहिए और कुछ अच्छा करने के लिए अपनी सतत् तैयारी करते रहना चाहिए। क्योंकि हम ज्यों-ज्यों खुद को चैलेंज करते हैं, तो समय के साथ श्रेष्ठता की ओर आगे बढ़ते जाते हैं। यह वर्तमान समय की मांग भी है, स्वयं की सफलता के लिए मुझे क्या-क्या परिवर्तन करना चाहिए, इस प्रकार हर परिस्थिति को सहर्ष स्वीकार करें, क्योंकि आज की सजगता से ही संवरेगा बेहतर कैरियर।
डॉ. शोभा ओमप्रकाश प्रजापति, इन्दौर, (म.प्र.)