छात्र-छात्राओं के लिए उचित केरियर काउंसलिंग की व्यवस्था करें समाज

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सभी प्रदेशों में बोर्ड की परीक्षाओं के परिणाम आ चुके है। जिसमें उत्तीर्ण हुए 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के सामने सही केरियर का चुनाव करने का प्रश्न खड़ा है। यह एक ऐसा पडाव होता है जहां से भविष्य की नींव तैयार होती है। छात्र-छात्रा के द्वारा जिस विषय का या वर्ग का चुनाव किया जाता है उसी विषय या वर्ग में उसे आगे बढऩे के साथ-साथ सफलता भी प्राप्त करनी होती है। ऐसे में सही विषय का चुनाव तथा उचित मार्गदर्शन बच्चों की राह का आसान बना देते है। केरियर मार्गदर्शन का विषय बहुत विस्तृत है।

केरियर मार्गदर्शन का सवाल प्रतिवर्ष लाखों बच्चों के सामने खड़ा होता है। जिसमें आर्थिक रूप से सक्षम छात्र-छात्रायें तो केरियर काउंसलर की मदद ले लेते है। लेकिन गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए यह प्रश्न बहुत जटिल बन जाता है। उनके सामने विषयों के चुनाव को लेकर कई प्रकार के प्रश्न एवं सवाल-जवाब घुम रहे होते है। जिनका सही जवाब उन्हें मिल जाये तो शायद वे किसी निष्कर्ष पर अवश्य पहुंच जायेंगे। ऐसे विषयों पर समाज के संगठनों तथा बुद्धिजीवी वर्ग को आगे आना चाहिए।

ऐसे छात्र-छात्राओं की पहचान कर उनके लिए केरियर मार्गदर्शन शिविरों का आयोजन किया जाना चाहिए। जिसमें सभी विषयों के मार्गदर्शकों को बुलाकर छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शित किया जाना चाहिए। प्राय: देखने में आता है कि सैंकड़ो की संख्या में ग्रामीण परिवेश के बच्चे कठोर मेहनत कर जिला मेरिट, संभाग मेरिट तथा राज्य स्तरीय मेरिट में स्थान बनाते है।

लेकिन क्या वे सभी उचित विषय का चुनाव कर पातें होगें। शायद इसका जवाब ना में होगा। क्योंकि समाज में कई संस्थाओं के द्वारा प्रतिभा सम्मान समारोह करवाने का चलन तो बढ़ गया है लेकिन केरियर मार्गदर्शन की और कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि प्रतिभा सम्मान से ज्यादा केरियर मार्गदर्शन की आवश्यकता है।

प्रहलाद कुमार प्रजापति, संपादक