शिक्षा को ढाल बनाकर विकास के पथ पर अग्रसर हो समाज

विचार मंथन - शिक्षा शेरनी का दूध है जो पियेगा वो ही दौड़ेगा

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नमस्कार मित्रो
साथियो मानव समाज के विकास की यदि कोई राह खुलती है तो उसकी चाबी केवल और केवल शिक्षा है परन्तु हमारे अशिक्षित समाज को कुछ अशिक्षित चतुर लोगो ने अपनी नेतागिरी बनाने के चक्कर में समाज सेवा के नाम पर ऐसे कार्यो में उलझा दिया है कि शिक्षा की तरफ से समाज और समाज के संगठनों का ध्यान ही भंग हो गया है। अर्थात जैसी स्थति में हो वैसे ही रहो, समाज चले या न चले पर इनकी नेतागिरी चलती रहे। पर उनका क्या न तो शिक्षा का महत्व वो जानते और न समाज को जानने देते है।

प्रजापति समाज के राजनेता जब तक चाटुकारिता और दयापात्र बन कर राजनीति करेगें तब तक समाज का राजनीतिक और सामाजिक विकास संभव नही है। हम सबके लिए बहुत खुशी की बात है कि जिस तरह से हमारे समाज के बच्चे उच्च शिक्षा को प्राप्त करते हुए उच्च प्रशासनिक सेवा में पहुँच रहे है यह हम आप के लिए गर्व की बात है। मैं अधिकतर लोगों से कहता रहता हूँ कि अभी हम उंगलियों पर आईएएस आईपीएस को गिनते है।

अब वो दिन दूर नही कि आने वाले 5 सालों में हमारे समाज के अनगिनत आईपीएस, आईएएस व अन्य अधिकारी होंगे और उन लोगो को इस बात से सबक लेना चाहिए कि जो लोग प्रजापति समाज के लिए एससी, ओबीसी, अति पिछड़े के लिए समाज को गुमराह करते नजर आ रहे है। उन समाज के ठेकेदारों से सावधान रहें व अपने बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ साथ समाज के उन गरीब असहाय बच्चों को भी शिक्षा के प्रति सहयोग करें। अगर स्वयं नही कर सकते है तो 10 या 15 लोगों का समूह बनाकर शिक्षा के प्रति सहयोग कर सकते है। क्योंकि सबसे बड़ी समाज सेवा शिक्षा की जरूरत है और शिक्षा से ही हम सब कुछ हासिल कर सकते है।
विनोद प्रजापति, भेल झांसी (उ.प्र.)