RTPCR जांच का पंजीकरण अब ऑनलाईन होगा, पुरे देश का डाटा एक ही जगह होगा

कोई भी व्यक्ति पोर्टल पर जाकर नम्बर डालकर ओ टी पी जनरेट करके अपनी जांच का स्टेटस मोबाइल या सैम्पल आईडी से जान सकता है।

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कोई भी व्यक्ति पोर्टल पर जाकर नम्बर डालकर ओ टी पी जनरेट करके अपनी जांच का स्टेटस मोबाइल या सैम्पल आईडी से जान सकता है।

प्रजापति मंथन : जयपुर (राज.)। एनआईसी दिल्ली द्वारा विकसित आर टी पी सी आर ऎप को पूरे देश में लागू किया गया है। इसका प्रशिक्षण व विडियो कांफ्रेसिंग शुक्रवार को सभी जिला एन आई सी अधिकारियों के साथ की गई।

एन आई सी जोधपुर के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक हनुमानसिंह गहलोत ने बताया कि वी सी में उप महानिदेशक तरूण तोसनीवाल ने निर्देश दिए कि अब सभी व्यक्तियों के सैम्पल टेस्ट का पंजीकरण इस ऎप के माध्यम से अॅान लाइन किया जायेगा व अॅाफ लाइन को तुरन्त बंद किया जाए। उन्होंने बताया कि इससे आई सी एम आर के पोर्टल पर त्रुटि रहित डेटा सीधा ही डाला जा सके। उन्होंने बताया कि कोविड-19 संक्रमण की पहचान व चैन ब्रेक करने के उद्देश्य से जोधपुर में आर टी-पी सी आर टेस्ट सैम्पल का एडंवास डेटा कलेक्शन किया जा रहा है।

जिला कलेक्टर श्री प्रकाश राजपुरोहित के निर्देशन में कंटेनमेंट जोन में शिविर लगाने के साथ डोर-टू-डोर सैम्पलिंग की जा रही है। अभी अधिकतर सैम्पलिंग डेटा अॅाफ लाइन इंद्राज किया जा रहा है। उन्होने बताया कि जोधपुर में अब सैम्पल साइट से सैम्पल लेने वाले नागरिकों के संपूर्ण डेटा का संधारण करने में भी आसानी रहेगी। दूसरी ओर सैम्पल देने वाले लोगों में भी अपने जांच के स्टेटस जानने के बारे में असमंजस बना रहता था।

अब हर कोई ऎप के लिंक https://covid19cc.nic.in  पोर्टल पर लिंक पर जाकर नम्बर डालकर ओ टी पी जनरेट करके अपनी जांच का स्टेटस मोबाइल या सैम्पल आई डी से जान सकता है। जिला स्तर पर आर टी-पी सी आर जांच के संग्रह केन्द्रों की सूची को देखा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि संग्रह केन्द्रों, परीक्षकों को https://covid19cc.nic.in पोर्टल पर लिंक कर अधिकृत किया जाता है। इस पोर्टल पर केवल अधिकृत परीक्षक ही ऎप का उपयोग कर सकते है। जिला प्रशासन व राज्य स्वास्थ्य मिशन के निदेशक अपनी ई मेल आई से संग्रह केन्द्रांंे व प्रयोगशालाओं और उनके परीक्षकों की प्रमाणिकता देख सकते है।

जोधपुर में अब सैम्पलिंग साइट से सैम्पल लेने वाले नागरिक द्वारा मोबाइल ओटीपी से प्रमाणीकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आई सी एम आर द्वारा इस ऎप के माध्यम से दुबारा जांच की सुविधा भी दी गई है व उपलब्ध रिकॅार्ड व एस आर फार्म को पी डी एफ फाइल फॅारमेट में सुरक्षित किया जा सकता है।