कुम्हार की मटकियों पर कोरोना का कहर

गर्मी के समय में ही होती है सबसे ज्यादा बिक्री, लॉकडाउन के कारण नहीं हो पा रही है बिक्री

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गर्मी के समय में ही होती है सबसे ज्यादा बिक्री, लॉकडाउन के कारण नहीं हो पा रही है बिक्री

प्रजापति मंथन : जयपुर (राज.)।
कोरोना महामारी के कारण देश भर में हुए लॉकडाउन से उद्योग धंधों की मानों कमर ही टूट गई है। क्योंकि गर्मी का यही समय अधिकांश उद्योग धंधों के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस समय होने वाली कमाई से ही वे पूरे सालभर का रोटेशन चलाते है। दो महिने बाद बारिश हो जाएगी। जिसमें दुकानों पर खरीदी ना के बराबर रहेगी।

लॉक डाउन का सबसे ज्यादा असर छोटे और मंझोले व्यवसायियों, दुकानदारों तथा स्वरोजगार करने वाले लोगों पर पड़ा है। इन्होंने अपनी जमा पूजीं को अपने व्यवसाय में लगा रखा है। और कोरोना के चलते व्यवसाय ठप्प पड़े है। ऐसे में इन लोगों के सामने जीवन यापन तक का संकट खड़ा हो गया है। खबर का शेष अगले पेज पर

कुम्हार समाज के व्यापार पर पड़ रहा बुरा असर

कुम्हार समाज के मिट्‌टी का काम करने वाले कारीगरों पर इस लॉकडाउन का बुरा असर पड़ा है। सालभर से इस सीजन के लिए तैयार कर रखी मटकियों को बेचने के लिए परेशान है लेकिन लॉकडाउन की पाबंदियों के चलते बेच नहीं पा रहें है। ऐसे में कुम्हार कारीगरों के द्वारा कठिन मेहनत से बनाई गई मटकियाँ बेकार हो रही है।

मटकी बेचने वालों को लॉकडाउन में छूट मिले को बने बात

सरकार मटकी बनाने और बचने वालों को लॉकडाउन में छूट प्रदान कर दे तो फिर भी कुछ राहत की उम्मीद जग सकती है। क्योंकि गर्मी के मई व जून माह अभी बाकी है। ऐसे में तपतपाती गर्मी में कुम्हार की मटकी का उपयोग हो सकता है। और इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी राहत मिल सकती है। खबर का शेष अगले पेज पर

मटकी बनाने वाले तथा बेचने वालों को लॉकडाउन में छूट देने की उठी मांग

राष्ट्रीय प्रजापति महांसघ के युवा प्रदेश महासचिव अंकित प्रजापति तथा प्रदेश प्रभारी सुरेश प्रजापति ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत देने की मांग की है। उन्होंने बताया है कि मटकी बनाने तथा बेचने वालों को लॉकडाउन में छूट प्रदान की जाये ताकि वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपने द्वारा बनाई हुई तथा बेचने के लिए एकत्रित की गई मटकियों को बेच सके तथा अपने व्यवसाय में लगाई हुई पूंजी की भरपाई कर सकें।

गर्मी में बेचने के लिए सालभर मटकी तैयार करते है कुम्हार

मटकियों की बिक्री का मुख्य सीजन गर्मी ही होती है। इस सीजन के लिए इस व्यवसाय से जुड़े हुए कारीगर सालभर मेहनत कर मटकियाँ बनाते है। खास तौर पर सर्दी के समय में तैयार की हुई मटकियों की गर्मी में विशेष मांग होती है। क्योंकि इनमें पानी ज्यादा ठण्डा होता है।