हाडोती की धूळी – चौथमल प्रजापति

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हाडोती की धूळी

हाडोती की धूळी को कण छू म्हूं ।
ऊं बखरी सम्पद को कण छूं म्हू ।।

बजबा मं तोऄक घूघरो घणो छै ।
ऊं पूरा सण बीछ्या को सण छू म्हू।।

ऄक बाज्या सारो खेत बज ज्या छै।
घूघरा सूं खढै ज्यो ई छण छूं म्हूं ।।

जी नै बेटा लेखै दुख देख्यो छो ।
ऊंको न चुक्यो जाबाळो रण छूं म्हूं।।

ईं कंचन सरकी काया मं ही तो।
ईं मांटी का कण को ही कण छूं म्हूं।।

काम कस्यो बी अणहोतो होग्यो हो।
ऊंकी नुकस जताबाळो पण छूं म्हूं ।।

कण को मण कर दे छै ऊ, चोथमल।
ऊं बाड़ी पोध को ऄक बण छूं म्हूं।।

चौथमल प्रजापति, केशवपुरा, कोटा (राज.)