चौथमल प्रजापति की राजस्थानी व्याकरण किरण पुस्तक का विमोचन

कवि चौथमल प्रजापति की यह महत्वपूर्ण रचना है जिसमें हाड़ोती भाषा की व्याकरण तैयार की गई

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प्रजापति मंथन कोटा। आदित्य निवास, स्वामी विवेकानंद नगर में राजस्थानी के वरिष्ठ साहित्यकार श्री चौथमल प्रजापति “मार्तण्ड” द्वारा लिखित हाड़ौती (राजस्थानी) की पहली व्याकरण पोथी “राजस्थानी व्याकरण किरण” का विमोचन पूर्व प्रशासनिक अधिकारी,वरिष्ठ साहित्यकार डा. नरेन्द्र नाथ चतुर्वेदी, श्रीमान जितेन्द्र निर्मोही, साहित्य अकादमी के राजस्थानी भाषा समिति के सदस्य वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमान मुकुट मणिराज,वरिष्ठ साहित्यकार पंडित लोकनारायण शर्मा,बाल साहित्यकार सी एल सांखला, राष्ट्रीय कवि राजेंद्र पंवार,वरिष्ठ व्यंग्यकार श्री सुरेश पंडित,वरिष्ठ कवि आर सी आदित्य,कवि श्री योगेश यथार्थ,कविश्री बी एल वर्मा,कवि श्री दुर्गा शंकर बैरागी,कवि श्री किशन प्रणय, कवि श्री अरविन्द खंगार, कवयित्री मंजू रश्मि सहित अनेक गणमान्य रचनाकारों की उपस्थिति में हुआ।

पुस्तक पर प्रकाश डालते हुए श्री सी एल सांखला ने कहा कि यह राजस्थानी काव्य किरण पोथी हाड़ौती भाषा की आरम्भिक व्याकरण पोथी है। इसमें हाड़ौती स्वर,व्यंजन,शब्द निर्माण,वाक्य निर्माण,संज्ञा, सर्वनाम,क्रिया,विशेषण,उपसर्ग,प्रत्यय,वाच्य तक की ठेठ हाड़ौती में विवेचना है। लेखक का आग्रह ‘जैसा बोलें,वैसा लिखें’ रहा है। वरिष्ठकवि, साहित्यकार श्री मुकुट मणिराज ने राजस्थानी शब्दों की वर्तनी पर बोलते हुए लिखावट में शुद्धता कैसे लायी जाए इसे विस्तार से बताया। मुख्य अतिथि श्री जितेन्द्र निर्मोही ने पोथी को राजस्थानी भाषा की एकरूपता के लिए शुभ संकेत बताया।

वरिष्ठ साहित्यकार डा नरेन्द्र नाथ चतुर्वेदी जी ने बतौर आशीर्वचन कहा कि मूलतः हाड़ौती भाषा पर जो काम डा बद्री प्रसाद पंचोली,डा कन्हैया लाल शर्मा,डा शांति भारद्वाज राकेश ने किया,उस को आगे बढ़ाते हुए श्री चौथमल प्रजापति मार्तण्ड ने राजस्थानी व्याकरण किरण के रूप में हाड़ौती को पहली व्याकरण पोथी देकर महत्त्वपूर्ण कार्य किया है।कवि, साहित्यकार श्री आर सी आदित्य ने भी अपने विचार रखे एवं सबको धन्यवाद ज्ञापित किया। पोथी लेखक श्रीचौथमल प्रजापति मार्तण्ड ने अपनी इस व्याकरण पोथी की रचना प्रक्रिया एवं मूल हाड़ौती लेखन पर अपनी बात कही। इस अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ कवि राजेंद्र पंवार ने किया।